अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण शीघ्र हो:- डा. संदीप कटारिया

डा. संदीप कटारिया राष्ट्रीय अध्यक्ष क्राईम रिफार्मर एसोसियेशन ने अपने एक बयान में कहा कि श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और उनके जन्मस्थान पर एक भव्य मंदिर विराजमान था। जिसे मुगल आक्रमणकारी बाबर ने तोड़कर वहाँ एक मस्जिद बना दी। अयोध्या विवाद को दशकों बीत रहे हैं। मसला आज भी जस का तस है। विवाद इस बात पर है कि देश के हिंदुओं की मान्यता के अनुसार अयोध्या की विवादित जमीन भगवान राम की जन्मभूमि हैं जबकि देश के मुसलमानों की पाक बाबरी मस्जिद भी विवादित स्थल पर स्थित हैं। इस बारे में कई तह के मत प्रचलित हैं कि जब मस्जिद का निर्माण हुआ तो मंदिर को नष्ट कर दिया गया या बड़े पैमाने पर बदलाव  किये गये। कई वर्षों बाद आधुनिक भारत में हिंदुओं ने फिर से राम जन्मभूमि पर दावे करने शुरू किये जबकि देश के मुसलमानों ने विवादित स्थल पर स्थित बाबरी मस्जिद का बचाव करना शुरू किया। वर्षों से चले आ रहे राम मंदिर का विवाद का हल निकले यह पूरा हिंदुस्तान चाहता है। डा. कटारिया ने कहा पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में कहा था कि ये संवेदनशील और लोगों की भावनाओं से जुडा हुआ मामला है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मसले को आपसी बातचीत के द्वारा सुलझाया जा सकता है। उस समय भी कोई कोर्ट का कोई नतीजा सामने नहीं आया। हाल ही में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में राम मंदिर मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि बातचीत से विवाद सुलझे तो अच्छा है। लेकिन ज्यादातर पाठकों की राय भी सुप्रीम कोर्ट की सलाहनुसार है कि राम मंदिर का हल कोर्ट के बाहर बातचीत के जरिए निकाल लिया जाए। अब जज भी आगे आने को तैयार हो गए है। सुप्रीम कोर्ट की सलाहों पर राजनीतिक और गैर राजनीति प्रतिक्रियाओं का तांता लगा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आनलाइन पोल के जरिए पाठकों की राय जाननी चाही। पोल में सवाल पूछा गया कि क्या कोर्ट के बाहर बातचीत के जरिए राम मंदिर विवाद का हल निकल सकता है या नहीं। सबसे ज्यादा 58.22 फीसदी पाठकों ने कहा कि राम मंदिर का हल कोर्ट के बाहर बातचीत से निकल सकता हैं। 38.02फीसदी पाठकों की राय में बातचीत से इस मसले का हल नहीं निकल सकता। वही 3.76 फीसदी पाठकों ने सवाल का जवाब देने में असर्मथता जताई। पोल में कुल 12755 पाठकों ने हिस्सा लिया था। इस से यह साबित होता है कि राम मंदिर बनने का निर्णय कोर्ट के बाहर ही किया जाए ताकि  जल्दी से जल्दी राम मंदिर बनाया जा सकें।

डा. कटारिया ने आगे कहा हम मुसलमानों के विरूद्ध नहीं है लेकिन राम मंदिर अगर अयोध्या में नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान मंे बनेगा। जहां राममंदिर है वहां हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक श्री राम जी का भव्य मंदिर बनना ही चाहिए व मुस्लिम समुदाय को आगे आकर सहयोग करना चाहिए व भाईचारे का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। भारतवर्ष में जो भी लोग रहते हैं व किसी भी समुदाय या जाति के हैं सभी के पूर्वज श्री राम व वह सभी के पूज्यनीय हैं तो फिर झगड़ा ही नहीं है। यह तो कुछ शरारती व स्वार्थी तत्व इसे विवाद का विषय बनाकर सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। लेकिन यह तत्व अपने उद्देश्य में सफल नहीं होंगे। डा. संदीप कटारिया और  भारत की समस्त जनता अयोध्या में मंदिर बनाकर उन्हें सबक सिखाएगी।

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