अखिल भारतीय जाट महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा संदीप कटारिया ने होली महोत्सव के शुभ अवसर पर सामाजिक समरसता पर बल देते हुए कहा कि सभी लोगों को चाहे वह किसी भी समुदाय, जात विरादरी का हो, आपसी मतभेद भुलाकर देशप्रेम का परिचय देना चाहिए। डा. कटारिया ने कहा कि रंगों का त्यौहार होली भारत में विभिन्नता में एकता का प्रतीक है। भारत में अनेक प्रकार का मौसम है, अनेक भाषाएं है, भिन्न पहरावा है, अनेक धर्मों के तीर्थ-स्थान हैं, अलग-अलग प्रकार का भोजन है व फिर भी हम भारतीय है व इसी उद्देश्य को लोग प्रेम से मिल चलो, बोलो सभी ज्ञानी बनो। होली पर सभी मिल जुलकर राष्ट्रप्रेम की भाषा बोलें व भारत को संसार का सिरमौर बनाने में अपना अपना यथाशक्ति सहयोग करना चाहिए। समाज में फैली कुरीतियों के विरूद्ध खुलकर सामने आएं। नर सेवा को नारायण सेवा मानकर जन जन के सुख दुख में काम आएं। बिना गरीबी व अमीरी के भेदभाव के मिलजुलकर एक दूसरे की मदद को आगे आएं। मैं को हम कर दो, तू को आप बना दो। हम आप से मिलकर परिवर्तन ला दो। डा. संदीप कटारिया ने एक दूसरे को रंग लगाकर होली का त्यौहार मनाया।

