वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करना जरूरी – डा. संदीप कटारिया

क्राइम रिफॉर्मर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संदीप कटारिया ने कहा कि निश्चित रूप से चंद्रयान-2 का सफल प्रक्षेपण और सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकल कर आगे चांद के दक्षिणी ध्रुव की ओर बढ़ना देश के विज्ञान की बड़ी कामयाबी है। खास बात यह है कि चंद्रयान-2 का पूरा मिशन स्वदेशी है। आजादी के सात दशकों में भारत विज्ञापन के क्षेत्र में उस स्तर पर पहुंच गया है, जहां देश अपने वैज्ञानिकों पर गर्व कर सके। किसी भी देश की समृद्धि का मंत्र विज्ञान ही है। यूरोप और अमेरिका आज इसलिए आगे हैं कि उसने विज्ञान की ताकत को समझा और वे उस दिशा में आगे बढ़े। भारत ने भी आजादी के वक्त से ही वैज्ञानिक शोध व अनुसंधान को बढ़ावा दिया। हालांकि जितनी तेजी से हमें विज्ञान की ओर बढ़ना चाहिए था, सरकारी लालफीताशाही के चलते हम उतनी तेजी से आगे बढ़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में विज्ञान को देश की तरक्की का मार्ग बताया है और अवाम से विज्ञान की राह पर आगे बढ़ने का आहृान किया है। अगर हमें विकसित राष्ट्र बनना है तो हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ ही आगे बढ़ना होगा। देश के सामने जितनी भी चुनौतियां है, चाहे गरीबी की हो, बेरोजगारी की हो, अन्न की हो, शिक्षा की हो, स्वास्थ्य की हो, रक्षा-सुरक्षा की हो, सुशासन की हो, विज्ञान में इसके हल की ताकत है। यहां तक कि वैज्ञानिक सोच व दृष्टिकोण के सहारे हम समाज में व्याप्त तमाम अंधविश्वास, कुरीतियों, विदूपताओं और असामनताओं को दूर कर सकते हैं। आज देश में धर्म-जाति, क्षेत्र आदि के नाम पर व्याप्त असामनताओं को वैज्ञानिक समाज का निर्माण करके ही दूर कर सकते हैं। देश के सभी  नागरिकों तक स्वच्छ जल की आपूर्ति भी आज की बड़ी जरूरत है। भारत में प्रचुर जल संसाधन  के बावजूद आधी से अधिक आबादी तक स्वच्छ जल की पहंुच नहीं होतना भी अब तक की सरकारों की विफलता है। प्रधानमंत्री मोदी ने जल शक्ति मंत्रालय का गठन कर और लगातार जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर देकर व जल संरक्षण की अपील कर इस समस्या की ओर आवाम व सरकारों का ध्यान आकृष्ट किया है। अगर हमें 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना है और भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी मंे पहुंचना है तो विज्ञान के विकास के साथ-साथ सभी नागरिकों तक भोजन, वस्त्र, स्वच्छ पेयजल, आवास, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य व सड़क की पहुंच सुनिश्चित करनी ही होगी। बुनियादी सुविधाओं की पहुंच में असमानता विकसित भारत  की राह में बाधा पैदा करेगी। प्रधानमंत्री ने जिस देश में स्वच्छ भारत मिशन को सबका आंदोलन बना दिया है, वैसे ही जलापूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि में सुधार आदि को भी राष्ट्रीय अभियान बनाने की आवश्यकता है, तभी हम राष्ट्र की बुनियादी सुविधाओं की पहुंच में असमानता विकसित भारत की राह में बाधा पैदा करेगी। प्रधानमंत्री ने जिस देश में स्वच्छ भारत  मिशन को सबका आंदोलन बना दिया है, वैसे ही जलापूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि में सुधार आदि को भी राष्ट्रीय अभियान बनाने की आवश्यकता है, तभी हम राष्ट्र की बुनियाद को मजबूत कर पाएंगे। खास बात यह है कि इन क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर के सृजन की भी अपार क्षमताएं हैं। कश्मीर समस्या भी आजादी के वक्त से ही नासूर बनी हुई है। समस्याओं में उलझे रह कर कोई भी राष्ट्र तेजी से विकास नहीं कर सकता है। दुर्भाग्य से भारत कश्मीर के अलावा आतंकवाद, उग्रवाद, नक्सलवाद, क्षेत्रीय असंतोष आदि समस्याओं का सामना कर रहा है। इनके हल जरूरी हैं। पीएम ने मन की बात में कहा कि कश्मीर के लोग मुख्यधारा से जुड़ने को बेताब हैं और नफरत व हिंसा फैलाने वाले कभी भी अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे। भारत सरकार कश्मीर को आतंक मुक्त बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। उम्मीद है कश्मीर में जल्द शांति कायम होगी। भारत को समृद्ध व खुशहाल राष्ट्र बनाने के लिए जरूरी है कि सरकार व आवाम अपनी समस्याओं को जल्द सुलझाएं, अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करें और विज्ञान के नए पथ पर आगे बढे।

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