क्राइम रिर्फामर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संदीप कटारिया ने इन घोटालों पर अपनी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक में नीरव मोदी की महाघोटाला की खबरों ने देश में सनसनी मची हुई है। इसी बीच रोटोमैक कलम बनाने वाली कम्पनी ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विक्रम कोठारी से जुड़ी खबरें मेनस्ट्रीम मीड़िया के साथ-साथ सोशल मीड़िया पर छाने लगीं कि वह बैंकों का 800 करोड़ रूपये लेकर देश छोड़ चुके हैं। हाल ही मे नीरव मोदी के 11400 करोड़ रूपये के महाघोटाले पर सरकार पूरी तरह से जाँच पड़ताल नहीं कर पाई हैं अब विक्रम कोठारी के घोटाले का मामला सामने आया है। यदि देश में दिन प्रतिदिन घोटाले होते जा रहे तो देश कभी भी उन्नति नहीं कर सकता। इन्हीं सभी महाघोटाले की वजह से देश की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रहीं हैं। बैंक आम आदमी को लोन देने के लिए हजार डाक्युमेंट की वैरीफिकेशन करता है लेकिन वह बड़े उद्योगपतियों को लोन देने के लिए किसी डाक्युमेंट की वेरिफिकेशन करना जरूरी नहीं समझता है। इन घोटालों से आम आदमी की जेब कटती जा रहीं है। यह सब घोटाले बैंक अधिकारियों की मिली भगत से ही होते हैं। यदि बैंक अधिकारी लोन देने से पहले सभी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया को पूरा करके लोन दे ंतो देश में इस प्रकार के घोटाले होगे ही नहीं। लेकिन सरकार भी इन मामलों पर ध्यान न देकर बल्कि इन मामलों से अपना पल्ला झाड़ रही हैं। राटोमैक ने बैकांे से हजारों करोड़ रूपये का लोन विदेश में आयात और निर्यात के नाम पर एडवांस में लिया। जबकि कम्पनी विदेश से कुछ भी आयात नहीं करती थी। इसके लिए उसने फर्जी कम्पनी का सहारा लिया। इन फर्जी कम्पनियों के जरिए अपने एकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर देती थी। यह सिलसिला 2008 से जारी था। डा. संदीप कटारिया ने कहा कि जब यह घोटाला 2008 से चल रहा था तो बैंक लगातार उन्हें लोन क्यों देता जा रहा था इन सब मामलों से तो यह लगता है कि बैंक व सरकार का इससे लाभ हो रहा था तभी वह लगातार विक्रम कोठारी को लोन दे रहे थे। डा. संदीप कटारिया ने सरकार को ऐसा घोटाला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने पर जोर देना चाहिए ताकि अन्य उद्योगपति घोटाला करने से पहले सौ बार उसे सोचना पड़े।

