दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में बड़ा मुद्दा बनेगा वायु प्रदूशण -डॉ. संदीप कटारिया

क्राइम रिफॉर्मर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संदीप कटारिया ने बताया कि देश की राजधानी दिल्ली में पिछले डेढ़ दशक से लगातार बढ़ता वायु प्रदूशण अब आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 बड़ा मुद्दा बनने वाला है। एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में रहने वाले 10 में से 8 लोग विधानसभा चुनाव में मतदान करते समय वायु प्रदूशण को एक मुद्दे के रूप में अपने जेहन में रखेंगे। यह सर्वे  द्वारा किया गया है, जो इंटरनेट आधारित मार्केट रिसर्च और डाटा एनालिटिक्स फर्म है। दिल्ली के 61 फीसद लोगों ने कहा है कि शहर में प्रदूशण को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों ही जिम्मेदार हैं। वहीं, 6 में से एक आदमी ने कहा कि केंद्र सरकार  को इस पर ध्यान देना चाहिए, जबकि ज्यादातर का कहतना है कि प्रदूशण दिल्ली सरकार का मुद्दा है।
डा. कटारिया ने बताया कि दिल्ली में प्रदूशण को लेकर हालात खराब है। दिल्ली में बढ़ते प्रदूशण का मुद्दा देष दुनिया के अखबारों मे चर्चा का विशय बना हुआ है। चुनाव से पहले भाजपा-।।च् दोनों को झटका 45 दिन में किया जाएगा 12000 सम्पत्तिओं को सील।
डा. कटारिया प्रदूशण गंभीर स्थिति में पहुंचाने के कारण अस्पतालों में एक बार फिर सांस की समस्या जूझते मरीज 30 फीसद तक बढ़ गए हैं। इनमें करीब एक चैथाई ऐसे मरीज हैं जिन्हें पहले से सांस की बीारी नहीं थी, बल्कि प्रदूशण के कारण उन्हें संक्रमण हुआ। एक्स के पल्मोनरी विभाग के विषेश विषेशज्ञ डॉ. करण मतदान ने कहा कि संस्थान में शोध में यह बात सामने आ चुकी है कि प्रदूशण बढ़ने पर अस्पताल की इमरजेंसी में अचानक मरीज बढ़ जाते हैं । सांस लेने में परेषानी व अस्थमा अटैक से पीड़ित होकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं लेडी हार्डिग कॉलेज के डॉक्टर कहते हैं कि सांसे के मरीजों की संख्या 20 फीसद तक बढ़ी है। इसमें ज्यादातर ऐसे हैं जो पहले सांस के मरीज नहीं थे। कई डॉक्टर सोषल मीडिया पर पोस्ट कर प्रदूशण की स्थिति पर चिंता जाहिर कर रहे हैं। वे कहते हैं कि उनके बच्चे भी सांस के मरीज हो रहे हैं। एम्स के सहायक प्रोफेसर डॉ. विजय गुर्जर ने कहा कि प्रदूशण से बुजुर्गों व बच्चों को खतरा अधिक है, इसलिए उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। दिल्ली मी मौजूदा स्थिति यह है कि बच्चे न स्कूल जा पा रहे हैं और न खेल पा रहे हैं।
डा. कटारिया ने बताया कि तरल पदार्थ का इस्तेमाल अधिक करें। धूम्र्रपान न करें। प्रदूशण से हालत बिगड़ सकती है। घर से बाहर जरूरी हो तभी निकलें। प्रदूशण से बचाव के लिए एन -95 या इससे अधिक नंबर के मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।


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